July 22, 2024

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Independence Day: इस साल लाल किले पर बेहद खास होने वाला है आजादी का जश्न, स्वदेशी गन से दी जाएगी 21 तोपों की सलामी !

Independence Day: इस साल लाल किले पर बेहद खास होने वाला है आजादी का जश्न, स्वदेशी गन से दी जाएगी 21 तोपों की सलामी !

Independence Day: आजादी के अमृत महोत्सव, 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इस साल लाल किले पर आजादी का जश्न भी बेहद खास होने जा रहा है. लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के नाम संबोधन को लेकर तो देशवासियों की नजर बनी ही रहेगी, साथ ही इस साल पहली बार स्वदेशी गन से 21 तोपों की सलामी दी जाएगी. लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत सुबह 6.55 बजे बजे होगी, जब सेना के दिल्ली एरिया के जीओसी का आगमन होगा.

जीओसी के आगमन के बाद रक्षा सचिव पहुंचेंगे और फिर तीनों सेना यानि थलसेना, वायुसेना और नौसेना का प्रमुख. ठीक सुबह 7.08 बजे रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट का आगमन और 7.11 बजे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहुंचेंगे. घड़ी में 7.18 बजते ही लाल किले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन होगा.

पीएम मोदी का कार्यक्रम

लाल किले से पहले पीएम नरेंद्र मोदी राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. लाल किले पर पहुंचते ही पीएम को ट्राई-सर्विस यानि तीनों सेनाओं की टुकड़ियों का गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा. ठीक 7.30 पर पीएम लाल किले पर ध्वजारोहण करेंगे. इसके तुरंत बाद राष्ट्रगान होगा और 21 तोपों की सलामी दी जाएगी. देश आजाद होने के 75 साल बाद पहली बार ऐसा होगा कि 21 तोपों की सलामी में कोई स्वदेशी आर्टेलरी गन भी शामिल होगी. अभी तक द्वितीय विश्वयुद्ध की ब्रिटिश पाउंडर-गन से 21 तोपों की सलामी दी जाती रही थी.

स्वेदेशी गन से 21 तोपों की सलामी

पहली बार इस साल लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री को 21 तोपों की सलामी स्वदेशी आर्टेलरी गन, ‘अटैग’ से दी जाएगी. इस साल लाल किले पर 21 तोपों की सलामी में छह ब्रिटिश पाउंडर गन के साथ एक स्वदेशी अटैग तोप भी शामिल होगी. एडवांस टोअड आर्टेलरी गन सिस्टम (एटीएजीएस या अटैग सिस्टम) को डीआरडीओ ने टाटा और भारत-फोर्ज कंपनियों के साथ मिलकर तैयार किया है. 155 x 52 कैलिबर की इस एटीएजीएस तोप की रेंज करीब 48 किलोमीटर है और जल्द ही भारतीय सेना के तोपखाने का हिस्सा बनने वाली है.

पीएम के संबोधन पर देश की नजरें

साल 2018 में रक्षा मंत्रालय ने थलसेना के लिए 150 अटैग गन खरीदने की मंजूरी दी थी. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक लाल किले में असली गन से फायर सेरोमोनियल ही होगा. इसके लिए तोप की आवाज और गोले को ‘कस्टेमाइज’ किया गया है. ध्वाजारोहण और राष्ट्रगान के बाद यानी 7.33 पर पीएम का देश के नाम संबोधन होगा. पिछले आठ सालों से पीएम का भाषण 90 मिनट के आसपास रहता आया है. ऐसे में माना जा रहा है कि इस साल भी इतना ही होगा. क्योंकि इस साल देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है. ऐसे में पीएम के संबोधन पर सभी की निगाहें टिकी होंगी.

कौन-कौन होंगे कार्यक्रम में शामिल?

पीएम अपने भाषण में कृषि, रक्षा, बिजनेस, अर्थव्यवस्था, अंतर्राष्ट्रीय संबंधों और कूटनीति जैसे ज्वलंत मुद्दों पर बोलते आए हैं. पीएम के संबोधन के दौरान मंत्रिमंडल के सदस्यों के अलावा सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायधीश, दिल्ली के मुख्यमंत्री और विदेशी राजनियक मौजूद रहेंगे. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस साल पहली बार ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ थीम पर देश के सभी जिलों से एनसीसी कैडेट्स बुलाये गए है. लाल किले के सामने ज्ञानपथ पर ये कैडेट्स भारत के नक्शे में अपने जिले की जगह पर ही बैठेंगे. वेशभूषा से लेकर पोशाक तक सबकुछ वो अपने इलाके के मुताबिक पहनकर ही आयेंगे.

समाज के वंचित लोगों को भी किया गया आमंत्रित

गणतंत्र दिवस की तरह ही इस साल पहली बार लाल किले पर समाज के उन वंचित लोगों को भी आमंत्रित किया गया है जिन्हें हमेशा से अनदेखा किया गया है. मोर्चरी वर्कर्स, स्ट्रीट वेंडर्स, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओ, मुद्रा लोन लाभार्थियों को भी कार्यक्रम में बुलाया गया हैं. केंद्र सरकार के तीन मंत्रालयों को आनलाइन आमंत्रण भेजा गया है. इसके अलावा पहली बार यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत 14 देशों के चुने हुए एनसीसी कैडेट्स समारोह में हिस्सा लेंगे.

14 देशों के 126 युवा कैड्ट्स होंगे शामिल

14 देशों के करीब 126 युवा कैड्ट्स इस साल लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. जिन देशों के कैडेट्स भारत पहुंचे हैं, उनमें मॉरीशस, अर्जेंटीना, ब्राजील, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान, यूएई, इंग्लैंड, अमेरिका, मालदीव, नाईजेरिया, फिजी, इंडोनेशिया, सेशेल्स और मोजांबिक शामिल हैं. इन विदेशी कैडेट्स ने अपने अपने देशों में आयोजित प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है और उसमें चुनने के बाद ये एनसीसी कैडेट्स भारत आए हैं. ये सभी युवा कल्चर एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत एनसीसी कैडेट्स से मेल-मिलाप के लिए भारत आए हैं.