July 13, 2024

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Ayodhya Darshan Guide: जाने राम मंदिर खुलने, बंद होने और रामलला के आरती का समय, पढ़ें ये जरूरी बातें !

Ayodhya Darshan Guide: जाने राम मंदिर खुलने, बंद होने और रामलला के आरती का समय, पढ़ें ये जरूरी बातें !

Ayodhya Darshan Guide: 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो चुकी है। यदि आप भी अयोध्या जाने का प्लान कर रहे हैं तो हमारे इस अयोध्या गाइड में आपको मिलेगी संपूर्ण जानकारी। इसमें वो सभी जानकारियां संकलित की गई हैं, जो अयोध्या पहुंचने से लेकर शहर में घूमने तक में मददगार साबित होंगी।

राम मंदिर दर्शन
राम मंदिर कब खुलता है?
सुबह- 6.30 से दोपहर 12.00 बजे तक
दोपहर- 2.30 से रात 10.00 बजे तक (समय में परिवर्तन संभव)

मंदिर में दर्शन कै से होंगे?
राम मंदिर परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार से मंदिर की दूरी करीब 200मीटर है। यहां से मंदिर तक पहुंचने के लिए बुजुर्गों और विकलांगों के लिए व्हीलचेअर की सुविधा भी रहेगी। मंदिर में आपको सिंह द्वार होते हुए 32 सीढ़ी चढ़कर राम मंदिर में प्रवेश मिलेगा। इसके बाद आप पांच मंडप पार करके गर्भ गृह में रामलला के दर्शन 30 फीट दरी से कर पाएंगे।

रामलला की आरती का समय क्या है?
मंगला आरती- सुबह 4.30 बजे
शृंगार आरती- सुबह 6.30 से 7.00 बजे
भोग आरती- 11.30 बजे
मध्यान्ह आरती- दोपहर 2.30 बजे
संध्या आरती- शाम 6.30 बजे
शयन आरती- रात 8.30 से 9.00 बजे

रामलला के वीआईपी दर्शन और मंगला व शृंगार आरती के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर क््थ षेत्र ट्रस्ट ने अभी कोई व्यवस्था घोषित नहीं की है। शृंगार, भोग और संध्या आरती में भक्त शामिल हो सकें गे। भगवान दिन में ढाई घंटे (दोपहर 12 से ढाई बजे तक) विश्राम करेंगे। इस दौरान गर्भगृह के पट बंद रहेंगे।

आरती में कैसे शामिल हो सकते हैं?
पास की ऑफलाइन व्यवस्था आरती में शामिल होने के नियम ट्रस्ट तय कर रहा है। अभी ट्रस्ट द्वारा पास बनाया जाता है। ऑफलाइन पास श्रीराम जन्मभूमि कैं प ऑफिस से बनता है। इसके लिए आईडी प्रूफ देना अनिवार्य होता है।
ऑनलाइन व्यवस्था
https://online.srjbtkshetra.org/#/aarti पर जाकर ऑनलाइन पास के लिए रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है, हालांकि अभी यह व्यवस्था एक्टिव नहीं हुई है। 27 जनवरी से व्यवस्था सामान्य होने की संभावना है। इसके बाद ही आप ऑनलाइन बुकिंग कर पाएंगे।

वीआईपी दर्शन की क्या व्यवस्था है?
मंदिर में वीआईपी दर्शन की कोई आधिकारिक व्यवस्था, टिकट या शुल्क नहीं है। अभी व्यवस्थाएं तय की जा रही हैं।

मंदिर में प्रसाद क्या मिलेगा?
राम मंदिर में भक्तों को ‘इलायची दाने’ का प्रसाद दिया जाएगा। यह चीनी और इलायची को मिलाकर बनाया जाता है। मंदिर परिसर में ही भक्तों को नि:शुल्क प्रसाद की व्यवस्था है। प्रसाद कहां से मिलेगा? सभी भक्तों को प्रसाद बांटने के लिए मशीन लगाई गई है। ये मशीनें परिसर में दर्शनार्थियों के वापसी के रास्ते पर स्थापित हैं। अभी शुल्क के साथ प्रसाद की कोई व्यवस्था मंदिर में नहीं है।

चढ़ाने के लिए प्रसाद ले जा सकते हैं?
भक्त भी विशेष अनुमति से शाकाहारी और शुद्ध मिठाई और मेवे आदि का भोग लगवा सकते हैं। सुरक्षा कारणों से रामलला के मंदिर में भगवान को अर्पित करने के लिए नारियल, फूल माला, शृंगार या कोई और चीज भक्त नहीं ले जा सकें गे। मंदिर में अंदर क्या ले जा सकेंगे? मंदिर दर्शन के वक्त आप अंदर के वल पैसा और चश्मा जैसी जरूरी चीजें ही ले जा सकेंगे। अन्य वस्तुओ के लिए दर्शन मार्ग पर लाॅकर की सुविधा है।

प्रमुख दर्शनीय स्थल

अयोध्या में राम मंदिर दर्शन के अलावा भगवान राम से जुड़े और भी कई स्थान हैं। इन स्थानों पर भगवान राम के चिन्ह मौजूद हैं। ये स्थान राम मंदिर के आसपास ही हैं-

हनुमानगढ़ी- राम मंदिर से दूरी 500 मीटर
महत्व- राम मंदिर जाने से पहले हनुमान मंदिर के दर्शन करने की परंपरा रही है। मंदिर में जाे मूिर्त है, उसमें हनुमान जी मां अंजनी की गोद में हैं।
खुलने का समय- सुबह 4.00 बजे से रात 10.00 बजे तक खुला रहता है।

छोटी देवकाली- राम मंदिर से दूरी 1 किमी
महत्व- यह माता सीता की कु ल देवी का मंदिर है। मान्यता है कि उन्होंने यहां माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित की थी और वे यहां पूजा करने आती थीं।
खुलने का समय – सुबह से रात तक

कनक भवन- राम मंदिर से दूरी 1 किमी
महत्व- माता कै के यी ने श्रीराम और देवी सीता को यह भवन उपहार में दिया था। यह उनका व्यक्तिगत महल था। 1885 में ओरछा रियासत की महारानी वृषभानु कंु वरि जूदेवी ने वर्तमान भवन का निर्माण करवाया था। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में श्रीराम और माता सीताजी की प्रतिमा स्थापित है।
खुलने का समय – सुबह 9.00 बजे से दोपहर 11. 30 बजे तक और शाम 4.30 से रात 9.30 तक।

सीता रसोई- राम मंदिर से दूरी 1 किमी
महत्व – राम जन्म भूमि के उत्तर-पश्चिमी किनारे पर स्थित सीता की रसोई एक प्राचीन रसोई है। इसका उपयोग सीताजी किया करती थीं।
खुलने का समय – सुबह से रात तक।

सरयू तट- राम मंदिर से दूरी 2 किमी
महत्व – अयोध्या में 14 प्राचीन घाट हैं। हर घाट से जुड़ी कु छ प्राचीन मान्यताएं है। पर्व के समय इन घाटों पर भक्त पवित्र स्नान करने जुटते हैं।

मणिराम दास छावनी- राम मंदिर से दूरी 1 किमी
महत्व- इस मंदिर में आमने-सामने दो हवेलियां हैं। यहां के वाल्मीिकजी भवन की दो मंजिलों की दीवारों पर संपूर्ण वाल्मीकि रामायण अंकित है।

रामलला सदन- राम मंदिर से दूरी 1 किमी
महत्व- अयोध्या में यह पहला ऐसा मंदिर है, जिसे द्रविड़ शैली में बनाया गया है। यह भगवान श्रीराम के कु लदेवता भगवान विष्णु के स्वरूप
भगवान रंगनाथन का मंदिर है।

दशरथ महल- राम मंदिर से दूरी 700 मीटर
महत्व- राजा दशरथ ने यह महल बनवाया था, हालांकि बाद में इसका कई बार जीर्णोद्धार हुआ। यहां भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और
भरत की मूर्तियां हैं।

रंग महल- राम मंदिर से दूरी 1 किमी
महत्व- इस मंदिर के संत खुद को सीताजी की सखी मानते हैं। मान्यता है कि विवाह के बाद इस मंदिर में माता सीता की मुंह दिखाई रस्म हुई थी।

अयोध्या में साल के प्रमुख उत्सव

अयोध्या में रामनवमी, दीपावली दोनों पर खास उत्सव का माहौल होता है। इन दिनों यहां भक्त बड़ी संख्या में आते हैं।

चैत्र, कार्तिक और सावन में यहां बड़ी संख्या में भक्त आते हैं।

सावन झूला मेला (जुलाई-अगस्त) यहां देखने लायक होता है।

अक्टूबर-नवंबर में 14 कोसी परिक्रमा के साथ यहां कार्तिक मेला लगता है।

हर माह पूर्णिमा पर सरयू स्नान के दौरान यहां उत्सव का माहौल रहता है।