July 14, 2024

Visitor Place of India

Tourist Places Of India, Religious Places, Astrology, Historical Places, Indian Festivals And Culture News In Hindi

अक्सर भारतीय मां-बाप बच्चों से कह देते है ये बातें, बाद में हो जाती है भारी !

अक्सर भारतीय मां-बाप बच्चों से कह देते है ये बातें, बाद में हो जाती है भारी !

हर पैरेंट्स की चाह होती है कि उनका बच्चा कोई भी गलत काम ना करे। जब बच्चे कोई ऐसा काम कर देते हैं तो पेरेंट्स कई तरीके से बच्चों पर अपना गुस्सा निकालते हैं। कभी-कभी गुस्से में या बिना सोचे-समझे पेरेंट्स द्वारा कही गई बात कई बार बच्चों पर मानसिक रूप से प्रभाव डालती है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का मानना है कि पैरेंट्स को कुछ बातें बच्चों से बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए।

काश तुम कभी पैदा नहीं होते

आप बच्चों से कितना भी नाराज क्यों ना हो लेकिन भूलकर भी उनसे आप यह न बोले कि ‘काश तुम कभी पैदा नहीं होते’। अगर आप बच्चों से ऐसा कहते है तो उनकी भावनाएं भी आहत होती है। पैरेंट्स द्वारा कही गई ये बात उनके आत्म सम्मान को भी ठेस पहुंचाती हैं। इससे बच्चे के मन मे ये बात आ सकती है कि उसे कोई पसंद नहीं करता।

जल्दी करो वरना मैं तुम्हें यहीं छोड़ दूंगा

बच्चे से कभी ये ना कहें कि जल्दी करो वरना हम तुम्हें यहीं छोड़ कर चले जाएंगे। बच्चों को समय की किमत का अंदाजा बड़ों की तरह नहीं होता है। इस तरह की बातों से उनके मन में खो जाने या फिर छोड़े जाने का डर पैदा होता है। अगर आप कही जाने के लिए लेट हो रहे हैं तो जल्दी करने की बात किसी और तरीके से बच्चों को कहें।

तुमसे जो कहा जाए वो कभी नहीं करते

अगर आप अपने बच्चे से बार-बार ये ‘तुमसे जो कहा जाए वो कभी नहीं करते’ ऐसा कहेंगे तो उनके मन में यह भावना उत्पन्न हो जाती है कि वो कुछ भी सही नहीं करतें। ऐसे में अगर आपको बच्चों से ये बात कहनी है तो इसको दूसरी तरह से कहे। आप बच्चों से कहें कि मैं चाहता हूं कि तुम इस काम को इस तरीके से करो। आप जो भी चाहते हैं बच्चे को साफ-साफ समझाएं और कोई भी गलती होने पर उसे प्यार से बताएं कि इसे इस तरह से किया जाना था।

काश कि तुम अपने भाई-बहन की तरह होते

अक्सर पैरेंट्स अपने बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों या फिर उनके भाई-बहन से करते है जो कि उनको बिलकुल पसंद नहीं होता। बच्चों को अपनी की गई चीज की तारीफ ज्यादा पसंद आती है। ऐसे करने से बच्चे के मन में अपने भाई-बहन के लिए प्रतिद्वंद्विता की भावना उत्पन्न हो जाती है। बच्चे की मन में ये बात बैठ जाती है कि वो अपने भाई-बहन की तरह समझदार और होशियार नहीं बन सकता। याद रखें कि हर बच्चा अलग होता है और उसकी अपनी काबिलियत और खासियत होती है।

हम इसे नहीं खरीद सकते

अगर बच्चा कोई चीज की डिमांड करे और हम उसे यह कहे कि इस चीज को खरीदने के लिए हमारे पास पैसे नहीं हो तो उसको लगेगा कि पैसे से ही हर खुशी खरीदी जाती है। ऐसा कहने से उसे लगेगा कि आप आर्थिक तंगी से गुजर रहे है। इसलिए बच्चो से ऐसा न कहे बल्कि कोई वाजिब वजह बताए वो चीज न लेने की।

अगर आप जाने-अनजाने में बच्चे से कुछ भी ऐसी बातें बोलते हैं तो तुरंत अपनी गलती का अहसास करके सॉरी बोलें और समझाएं कि आपके कहने का ये मतलब नहीं है। आप उनसे बेहद प्यार करते है और आगे से ऐसा कुछ भी नहीं कहेंगे। बच्चे अपने पैरेंट्स से उम्मीद करते हैं कि वो हर काम में उनका हौसला बढ़ाएं।