July 13, 2024

Visitor Place of India

Tourist Places Of India, Religious Places, Astrology, Historical Places, Indian Festivals And Culture News In Hindi

जानिए स्वामी विवेकानंद जी के कुछ ऐसे विचारों के बारे मे, जिनसे युवाओं को लेनी चाहिए प्रेरणा !

जानिए स्वामी विवेकानंद जी के कुछ ऐसे विचारों के बारे मे, जिनसे युवाओं को लेनी चाहिए प्रेरणा !

आज हम जानेंगे स्वामी विवेकानंद जी के कुछ ऐसे विचारों के बारे मे, जिनसे युवाओं को लेनी चाहिए प्रेरणा, स्वामी विवेकानंद के जीवन से बहुत कुछ सीख और समझ सकते हैं. उनके द्वारा दिए गए कुछ संदेश जीवन की दिशा बदलने में उनकी मदद कर सकते हैं. भारत में कई ऐसे महापुरुष पैदा हुए जिनके विचारों से प्रेरणा ली जा सकती है. उनके उपदेशों से एक व्यक्ति को जीवन जीने का मकसद मिल सकता है. तो चलिए आज स्वामी विवेकानंद के कुछ विचारों के बारे में जानते हैं जो आपको आत्मविश्वास से भर देंगे.

यह भी पढ़ें: अरविंद केजरीवाल ने विज्ञापनों पर गलत खर्च किए गए 163 करोड़ रुपये का भुगतान 10 दिनों के भीतर करने को कहा !

स्वामी विवेकानंद के विचार | Thoughts of Swami Vivekananda

”ब्रह्मांड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं. वो हम ही हैं जो अपनी आंखों पर हाथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है.”

”एक समय में एक काम करो और उसे पूरा मन लगाकर करो, बाकी सब कुछ भूल जाओ.”

”किसी की निंदा न करें.अगर आप मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं, तो जरूर बढ़ाएं. अगर नहीं बढ़ा सकते हैं, तो अपने हाथ जोड़िए, अपने भाइयों को आशीर्वाद दीजिए और उन्हें उनके मार्ग पर जाने दीजिए.”

”कभी मत सोचिये कि आत्मा के लिए कुछ असंभव है.ऐसा सोचना सबसे बड़ा विधर्म है. अगर कोई पाप है, तो वो यही है; ये कहना कि ‘तुम निर्बल हो या अन्य निर्बल हैं.”

”हम वो हैं, जो हमें हमारी सोच ने बनाया है इसलिए इस बात का ध्यान रखिए कि आप क्या सोचते हैं. शब्द गौण हैं, विचार रहते हैं, वे दूर तक यात्रा करते हैं.”

यह भी पढ़ें: इस देश में सभी पहनते हैं एक समान कपडे, जानिए इससे जुड़ी रोचक बातें !

”यदि स्वयं में विश्वास करना और अधिक विस्तार से पढ़ाया और अभ्यास कराया गया होता, तो मुझे यकीन है कि बुराइयों और दु:ख का एक बहुत बड़ा हिस्सा गायब हो गया होता.”

”जीवन का रास्ता बना बनाया नहीं मिलता, इसे स्वयं को बनाना पड़ता है.जिसने जैसा मार्ग बनाया, उसे वैसी ही मंजिल मिलती है.”

”उठो मेरे शेरों, इस भ्रम को मिटा दो कि तुम निर्बल हो, तुम एक अमर आत्मा हो, स्वच्छंद जीव हो, धन्य हो, सनातन हो, तुम तत्व नहीं हो, न ही शरीर हो, तत्व तुम्हारा सेवक है, तुम तत्व के सेवक नहीं हों.”

”जीवन का रास्ता बना बनाया नहीं मिलता, इसे स्वयं को बनाना पड़ता है। जिसने जैसा मार्ग बनाया, उसे वैसी ही मंजिल मिलती है.”